सीएसआईआर-निस्केयर में हिन्दी मास आयोजन

 

     संस्थान में 14 सितम्बर से 14 अक्टूबर 2012 तक हिन्दी मास का आयोजन किया गया। हिन्दी मास का आरम्भ एक अपील से किया गया जिसमें संस्थान के सभी कार्मिकों को राजभाषा हिन्दी में कार्य करने का अनुरोध किया गया। इस मास के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन भी संस्थान के कार्मिकों को हिन्दी में कार्य करने के लिए सजग बनाने तथा प्रोत्साहित करने के लिए किया गया। जिन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। वे इस प्रकार हैं - 1. हिन्दी नोटिंग/ड्रॉफ्टिंग प्रतियोगिता 2. वाद-विवाद प्रतियोगिता, विषयः सोशल नेटवर्किंग साइट्स का बढ़ता प्रयोग-कितना सही, कितना गलत। 3. कविता पाठ प्रतियोगिता, इस प्रतियोगिता में कुछ कार्मिकों ने स्वरचित कविताओं का भी पाठ किया तथा 4.निबन्ध लेखन प्रतियोगिता - यह प्रतियोगिता हिन्दी भाषी तथा हिन्दीतर भाषी कार्मिकों के लिए अलग-अलग आयोजित की गयी। इस प्रतियोगिता का विषय था - सूचनाओं के प्रचार-प्रसार में संचार माध्यमों की भूमिका। 5. प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता - इस प्रतियोगिता में सामान्य ज्ञान/विज्ञान पर आधारित प्रश्न पूछे गये। 6. अन्ताक्षरी प्रतियोगिता। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता तथा अन्ताक्षरी प्रतियोगिता में प्रतिभागियों का उत्साह देखते ही बनता था। टीम इवेन्ट के रूप में इन प्रतियोगिताओं ने अपनी अलग पहचान बना ली है।

हिन्दी मास के अवसर पर 10 अक्टूबर 2012 को एक समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रसिद्ध हास्य कवि श्री दीपक गुप्ता को कविता पाठ के लिए मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया। समारोह का आरम्भ मुख्य अतिथि तथा मंच पर आसीन अन्य अधिकारियों द्वारा दीप-प्रज्ज्वलित कर किया गया। तत्पश्चात श्रीमती दीक्षा बिष्ट, प्रमुख, राजभाषा द्वारा राजभाषा रिपोर्ट प्रस्तुत की गयी। अपनी रिपोर्ट में उन्होंने राजभाषा इकाई की गतवर्ष की गतिविधियों व प्राप्त उपलब्धियों के विषय में जानकारी दी। उन्होंने संस्थान द्वारा आयोजित अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन जिसका माध्यम हिन्दी था, की विशेष चर्चा करते हुए इसे संस्थान की एक विशिष्ट उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि इस अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन का सफल आयोजन अन्य संस्थानों के साथ मिलकर करना अपने आपमें एक मिसाल है। उन्होंने संस्थान के सभी प्रशासनिक कार्मिकों तथा अन्य तकनीकी व वैज्ञानिक कर्मियों को उनके अतुलनीय योगदान व सहयोग के लिए धन्यवाद दिया तथा भविष्य में भी उनसे सहयोग इसी प्रकार बनाए रखने के लिए अनुरोध किया।

निदेशक, निस्केयर ने भी उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित करते हुए कहा कि उन्होंने गतवर्षों में संस्थान में हिन्दी का अच्छा अनुभव प्राप्त कर लिया है। उन्होंने भी अपने सम्बोधन में अन्तरराष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन के आयोजन को संस्थान की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

श्रीमती मीनाक्षी गौड़, अनुवादक ने मुख्य अतिथि का परिचय देते हुए बताया कि श्री दीपक गुप्ता संस्थान में पहले भी आमंत्रित किये जा चुके हैं तथा अपनी हास्य रचनाओं, गीत, गजलों के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति अर्जित कर चुके हैं। विभिन्न संचार माध्यमों में उनके अन्य कार्यक्रम प्रसारित किये जा चुके हैं। वे विभिन्न स्थानों पर एक हजार से भी अधिक काव्य-पाठ कर चुके हैं। श्री दीपक गुप्ता ने अपने सम्बोधन में कहा कि वे संस्थान द्वारा उन्हें पुनः निमंत्रित किए जाने के लिए बेहद आभारी हैं। उन्होंने राजभाषा हिन्दी की विशेषता बताते हुए कहा कि यह वह भाषा है जो हमें संस्कार देती है। उन्होंने अपनी हास्य रचनाओं के माध्यम से उपस्थित जनसमूह को ओतप्रोत कर दिया। उनकी कविताओं की सभी के द्वारा सराहना की गयी।

वरिष्ठ प्रशासन नियंत्रक महोदय ने अपने सम्बोधन में कहा कि संस्थान के सभी कार्मिक अपने कार्यालयी कार्यों में राजभाषा के प्रयोग को बढ़ावा दें, वे ऐसी आशा करते हैं। संस्थान में राजभाषा प्रयोग की स्थिति को और बेहतर बनाने के लिए सभी ओर से प्रयासों की आवश्यकता है। इसके पश्चात मुख्य अतिथि, निदेशक महोदय, वरिष्ठ प्रशासन नियंत्रक तथा वित्त एवं लेखा अधिकारी द्वारा हिन्दी मास के दौरान आयोजित की गयी विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं तथा हिन्दी में कार्य करने वाले कार्मिकों को नकद पुरस्कार व प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। 

अन्त में, डॉ. ज्ञानेन्द्र मिश्रा, वित्त एवं लेखा अधिकारी ने संसथान में हिन्दी का प्रयोग कार्यालयी कार्यों में अधिकाधिक करने के लिए सभी कार्मिकों से अनुरोध किया। उनके धन्यवाद प्रस्ताव के साथ समारोह सम्पन्न हुआ।